Monday, December 9, 2019

1 श्री राम जन्म भूमि अयोध्या

आप दर्शन कर रहे हैं टाट में विराजमान राम लला जन्मभूमि पावन तीर्थ के । अब यहां भव्य रामभूमि निर्माण की तैयारियां चल रही हैं । माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार अब यहाँ भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा । हम सभी जानते हैं कि श्रीराम सहित चारों भाइयों की जन्म भूमि अयोध्या […]

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1- 2 मखौड़ा धाम अयोध्या

ये है मखौड़ा धाम । अयोध्या नरेश दशरथ जी ने श्रृंगी ऋषि के निर्देशन में पुत्रेष्टि यज्ञ यहीं किया था । मनोरमा नदी के तट पर अवस्थित यह तीर्थ आजa भी प्रख्यात है । संतान प्राप्ति की कामना से लोग आज भी यहां बड़ी संख्या में मनौती मांगने के लिये आते हैं ।

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1-3 श्रृंगी ऋषि आश्रम शेरवा घाट

ये है श्रृंगी ऋषि आश्रम । उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में अयोध्याजी से कुछ दूरी पर शेरवा घाट में अवस्थित ये आश्रम ऐतिहासिक महत्व का है । रामायण ग्रंथ का पारायण करने वाले हम सभी जानते हैं कि त्रेता युग में अयोध्याजी से कुछ दूर चलने के बाद अगले प्रातःकाल मुनि विश्वामित्र ने राम […]

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1-4 भैरव मंदिर

ये है भैरव मंदिर तीर्थ । यह तीर्थ उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले में सरयू नदी के तट पर महाराजगंज में अवस्थित है । विश्वामित्र मुनि के साथ उनके आश्रम की रक्षा के लिये साथ चल रहे भगवान राम के साथ भैया लखन लाल इस मंदिर के निकट से आगे बढ़े थे । ये बड़ा […]

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1-5 सलोना ताल

अजमतगढ़ के पास पुरानी सरयू के किनारे एक अत्यन्त विशाल तालाब है जिसमें अब भी बड़ी मात्रा में जल रहता है। यह सरयू का पेटा कहा जाता है। लोक विश्वास के अनुसार मुनि विश्वामित्र इसी मार्ग से राम, लक्ष्मण जी को लेकर गये थे

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1-6 बारदुअरिया मंदिर

बारदुवारिया मंदिर यह स्थान रामघाट मऊ के निकट ही है। यहाँ पुरानी सरयू तथा टोंस नदी का संगम है। यहाँ भगवान शिव का 12 द्वारों का एक बहुत प्राचीन मंदिर है। आज भी यहाँ कार्तिक पूर्णिमा को एक बड़ा मेला लगता है। लोक मान्यता के अनुसार विश्वामित्र मुनि श्रीराम लक्ष्मण को इसी मार्ग से ले […]

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1-7 राम घाट मऊ

रामघाट मऊ मऊ के निकट पुरानी सरयू के किनारे रामघाट है। माना जाता है कि यहाँ श्रीराम ने सरयू में स्नान किया था तथा वे विश्वामित्र मुनि के साथ इसी मार्ग से आश्रम गये थे। आज भी दूर-दूर से जनता यहाँ स्नान व मनौतियां माँगने आती हंै। ग्रंथ उल्लेख वा.रा. 1/22/11 से 24 तक। मानस […]

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1-8 सिदागर घाट

सिदागर घाट का नाम भारत वर्ष में सिद्धों की परंपरा से जुड़ा हुआ है । सिदागर शब्द सिद्धगण का अपभ्रंश माना जाता है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार सरयू नदी के किनारे ऋषि मण्डल रहते थे। संभवतः यह वही स्थान है, यहाँ प्राचीन रामघाट है। लोक मान्यता के अनुसार विश्वामित्र मुनि इसी मार्ग से गये थे। […]

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1-9 लखनेश्वर डीह

श्री राम यात्रा पथ खोज में निश्चित रूप से अधिक स्थानों के नाम राम जी अथवा सीताजी से संबंधित मिलते हैं । पर यथास्थान भैया लखन लाल की स्मृति से संबंधित तीर्थ भी प्राप्त हुए हैं । सिदागर घाट से आगे बढ़ने पर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में लखनेश्वर डीह तीर्थ इसका प्रमाण है […]

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1-10 राम घाट नगहर

श्री राम की यात्रा में नदी तट पर अवस्थित तीर्थ बड़ी संख्या में हैं । ऐसा इसलिये कि प्राचीन काल में अधिकांश यात्रायें नदी तट के निकट से होकर ही आगे बढ़ती थीं । नदियों के किनारे किनारे चलने से स्थान की पहचान याद रखना आसान था तथा यात्रा क्रम में जल की प्रचुरता बनी […]

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