Tuesday, December 10, 2019

2-60 श्रीराम मंदिर रामटेक नागपुर महाराष्ट्र

टेक अर्थात् प्रतिज्ञा। श्रीराम ने यहाँ राक्षसों के वध की प्रतिज्ञा की थी। दूसरा अर्थ है टिकना। अर्थात् श्रीराम यहाँ कुछ काल के लिए टिके थे। दोनों अर्थों में श्रीराम का प्रवास सिद्ध होता है। पहले इस पर्वत का नाम रामगिरि था। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक। टिप्पणी: वाल्मीकि रामायण […]

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2-61 सीता नहानी, रामगिरि, नागपुर महाराष्ट्र

लोक कथा के अनुसार सुतीक्ष्ण आश्रम जाते समय सीता माँ ने यहाँ स्नान किया था। अब यहाँ श्रीराम मंदिर है। गाँव तथा पहाड़ी का नाम भी रामगिरि हैं। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक। टिप्पणी: वाल्मीकि रामायण तथा श्री रामचरित मानस के अनुसार सिद्वा पहाड़ से सुतीक्षण आश्रम तक कोई संदर्भ […]

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2-62 राम लक्ष्मण मंदिर सालबर्डी अमरावती महाराष्ट्र

वनगमन के समय नागपुर के सालबर्डी गांव से 9 कि.मी. दूर श्रीराम ने एक रात्रि यहाँ विश्राम किया व शिव पूजा की थी। निकट ही मोढू नदी में सीता नहानी व श्रीराम मन्दिर हैं। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक। टिप्पणी: वाल्मीकि रामायण तथा श्री रामचरित मानस के अनुसार सिद्वा पहाड़ […]

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2-63 सुतीक्ष्ण आश्रम सप्तश्रृंगी पर्वत नासिक महाराष्ट्र

सुतीक्ष्ण मुनि के कई आश्रम मिले हैं किन्तु लगता है कि श्रीराम की सुतीक्ष्ण मुनि से यहीं भेंट हुई थी। श्रीराम 10 वर्ष दण्डक वन में घूमकर पुनः इसी आश्रम में आये थे। वा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक टिप्पणी प्रयास किया गया है कि […]

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2-64 सप्तश्रृंगी देवी मंदिर नासिक महाराष्ट्र

सप्तश्रृंगी देवी मंदिर पंचवटी प्रवास की अवधि में श्री सीता राम जी यहाँ दुर्गा माँ के दर्शनार्थ आते थे व राक्षसों से संघर्ष के लिए शक्ति की साधना करते थे। सप्तश्रृंगी देवी से रामसरोवरः- टेकाड़ी नोटः सप्तश्रृंगी देवी रामसरोवर टेकाड़ी आयें। 270 कि.मी.। वा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से […]

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2-65 राम सरोवर टेकारी नागपुर महाराष्ट्र

ये है राम सरोवर । महाराष्ट्र के नागपुर जिले में टेकारी में अवस्थित ये सरोवर उस स्मृति से जुड़ा है जब राम जी वनवास क्रम में यहां आये थे । उल्लेखनीय तथ्य ये है कि इस क्षेत्र में जल का संकट बना रहता है । आस पास के सभी सरोवर , तालाब और जल के […]

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2-70 सीतामढ़ी हरचोका

जनकपुर से 25 कि.मी. दूर उत्तर-पश्चिम दिशा में मबइ नदी के किनारे सीतामढ़ी है। यहाँ के मन्दिर अब ध्वस्त हो रहे हैं। सीता माँ ने यहाँ भोजन किया था। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई […]

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2-71 सीतामढ़ी रापा

सीतामढ़ी रापा एक सीधी पंक्ति में यह तीसरी सीतामढ़ी है। जनकपुर से 16 कि.मी. दूर पूर्व दिशा में रापा नदी के किनारे पहाड़ी पर एक तल घर में भगवान शिव का प्राचीन विग्रह स्थापित है। वनवास काल में श्री सीता-राम जी ने यहाँ रात्रि विश्राम किया था। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी […]

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2-72 सीतामढ़ी छतोड़ा

सीतामढ़ी छतोड़ा जनकपुर से 40 कि.मी. दूर पूर्व दिशा में छतोड़ा के पास नेऊर नदी के किनारे श्री सीता राम जी ने भोजन व विश्राम किया था। अब भी वनवासी सीता माँ से मन्नत मांगने यहां आते हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम […]

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2-74 श्रीराम मंदिर विश्रामपुर

श्रीराम मंदिर अम्बिकापुर का प्राचीन नाम विश्रामपुर रहा है। माना जाता है कि श्री सीताराम जी यहाँ वर्षों रहे हैं। पूरे क्षेत्र में श्रीराम वनवास की अनेक लोक कथाएँ इस क्षेत्र से संबंधित मिलती हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः […]

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