Sunday, October 20, 2019

2-48 सिद्धा पहाड़ सतना मध्य प्रदेश

सिद्धा पहाड़ ऋषियों की अस्थियों के ढेर से बना है। इसमें रंग-बिरंगी बजरी निकलती है। यहीं श्रीराम ने भूमि को राक्षसों से विहीन करने की भीष्म प्रतिज्ञा की थी। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक। टिप्पणी: वाल्मीकि रामायण तथा श्री रामचरित मानस के अनुसार सिद्वा पहाड़ से सुतीक्षण आश्रम तक कोई […]

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2-49 सीता रसोई रक्सेलवा सतना मध्य प्रदेश

यहाँ तीनों ने भोजन तथा रात्रि विश्राम किया था। मंदिर के पास ही चट्टानों में सीता रसोई है। वनवासी बंधु यहाँ पूजा करने तथा सीता माँ से मन्नत माँगने आते हैं। मंदिर के पास एक कूप को अमृत कुण्ड कहते हैं। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक। टिप्पणी: वाल्मीकि रामायण तथा […]

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2-46 अश्वमुनि आश्रम सतना मध्य प्रदेश

वाल्मीकि रामायण में अश्वमुनि के आश्रम का वर्णन ऋषियों के लिए सुरक्षित स्थल के रूप में आया है। शरभंग आश्रम के पास अश्वमुखी देवी का मंदिर है। यह भी मान्यता है कि यह देवी बहुत वीरांगना थीं तथा उन्होंने राक्षसों का संहार किया था। शोध तथा स्थल के क्रम के अनुसार अश्वमुनी का आश्रम यही […]

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2-47 सुतीक्ष्ण आश्रम सिलहा सतना मध्य प्रदेश

सिद्धा पहाड़ से 6 कि.मी. दूर सुतीक्ष्ण मुनि का आश्रम है। जैतवारा स्टेशन से एक पक्की सड़क यहां तक आती है। यहाँ श्रीराम, लक्ष्मण, सीताजी तथा सुतीक्ष्ण मुनि के विग्रह हैं।मानस 3/6/4 से 3/8/2, तथा परिस्थिति जन्य।सुतीक्षण आश्रम से सिद्धा पहाड़ः- सिलहा-सिद्धा, (लगभग 12 कि.मी. मात्र)

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2-50 रामसैल रक्सेलवा सतना सतना मध्य प्रदेश

सतना में अवस्थित रक्सेलवा गांव का नाम राकस यानि राक्षस के अपभ्रंश से बना है। यहां पर रामजी ने बड़ी संख्या में राक्षसों का निर्मम संहार किया था । ये स्थान सीता रसोई से चार कि.मी. दूर लेड़हरा पर्वत के पास है । इसका प्राचीन नाम रामशैल है। यहाँ श्रीराम के चरण चिह्न पूजे जाते […]

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2-51 बृहस्पति कुँड पहाड़ी खेड़ा पन्ना मध्य प्रदेश

 बृहस्पति कुुण्ड देव गुरु बृहस्पति ने यहाँ यज्ञ किये तथा आश्रम की स्थापना की थी। बाद में आश्रम में ऋषियों से मिलने श्रीराम भी वनवास काल में यहाँ आये थे। पहाड़ी खेरा से दक्षिण दिशा में 6 कि.मी. दूर बृहस्पति कुण्ड है। यहाँ बाघिन नदी की घाटी की प्राकृतिक छटा मन मोह लेती है।  वा.रा. […]

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2- 52 सुतीक्षण आश्रम सारंगधर पन्ना मध्य प्रदेश

श्रीराम ने भुजा उठाकर राक्षसों के वध की प्रतिज्ञा की थी तभी हाथ उठाने के लिए उन्होंने सारंग धनुष धरती पर टिकाया था, इसीलिए इस स्थान का नाम सारंगधर है। यहाँ एक अद्भुत वट वृक्ष है। इसके पत्ते बडे़ होकर स्वतः ही दोने का आकार ले लेते हैं। साधकों के अनुसार पेड़ के नीचे ध्यान […]

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2-53 अग्निजिह्ना आश्रम बड़े गांव पन्ना मध्य प्रदेश

श्रीराम अगस्त्य आश्रम जाने से पूर्व उनके भाई अग्निजिह्ना के आश्रम भी गये थे। यह आश्रम अगस्त्य के भाई का माना जाता है। यह स्थल पन्ना से लगभग 18 कि.मी. दूर देवेन्द्र नगर के पास बडे़गाँव में है। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक। टिप्पणी: वाल्मीकि रामायण तथा श्री रामचरित मानस […]

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2-54 अगस्त्य आश्रम सलेहा पन्ना मध्य प्रदेश

पन्ना जिला में सलेहा से 9 कि.मी. दूर पटना गाँव के पास पहाड़ पर सिद्ध बाबा आश्रम, अगस्त्य आश्रम माना जाता है। पटना से 4 कि.मी. पैदल कच्चा मार्ग है तथा यहाँ पहुँचने के लिए 2 नदियाँ गलको तथा तीहरी पार करनी पड़ती हैं। नदियों पर पुल नहीं है। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 […]

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2-55 राम जानकी मंदिर मैहर सतना मध्य प्रदेश

एक जनश्रुति के अनुसार मैहर के जंगल में एक प्राचीन शिव मंदिर था। यहाँ श्री राम ने पूजा की थी। एक प्राचीन मंदिर मैहर के निकट ही है मैहर में श्रीराम सखेन्द्र दास जी द्वारा स्थापित श्रीराम मंदिर है। वा.रा. 3/6 पूरा अध्याय, मानस 3/8/3 से 3/9 दोहा तक। टिप्पणी: वाल्मीकि रामायण तथा श्री रामचरित […]

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