Tuesday, December 10, 2019

1 श्री राम जन्म भूमि अयोध्या

आप दर्शन कर रहे हैं टाट में विराजमान राम लला जन्मभूमि पावन तीर्थ के । अब यहां भव्य रामभूमि निर्माण की तैयारियां चल रही हैं । माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार अब यहाँ भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा । हम सभी जानते हैं कि श्रीराम सहित चारों भाइयों की जन्म भूमि अयोध्या […]

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2-209 श्रीराम मंदिर अयोध्यापटटनम सेलम तमिलनाडु

लोक कथा के अनुसार श्रीराम जब लंका से अयोध्या वापिस जा रहे थे तो स्थानीय नागरिकों ने यहाँ उनका पट्टाभिषेक किया था। किन्तु यह तर्कसंगत नहीं लगता। विद्वानों की राय में श्रीराम लंका अभियान में ही यहाँ से गये थे। यह स्थल जाने के मार्ग पर ही आता है।

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2-218 कल्याण राम मंदिर मिमिसाइल पोदुकोटई तमिलनाडु

तमिल में कल्याण का अर्थ है विवाह। एक कथा के अनुसार मिमिसाइल में यहाँ के ऋषियों ने श्रीराम से माँग की थी कि वे विवाह का दृश्य देखना चाहते थे। इस मंदिर में श्रीसीतारामजी के विवाह के दृश्य हैं।

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2-233 चक्रतीर्थ अनागुंडी ( हम्पी )

तुंगभद्रा नदी यहाँ धनुषाकार घुमाव लेती है। इसे चक्रतीर्थ कहा जाता है। जब श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या जा रहे थे तब मां सीता के आग्रह पर विमान यहां उतारा था। बाद में सुग्रीव ने यहां कोदण्ड राम मंदिर बनवाया था।

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2- 17 त्रिवेणी संगम प्रयागराज उत्तरप्रदेश

तीर्थराज प्रयाग की महिमा अनन्त मानी गयी है । सभी युगों में तीर्थराज विद्यमान रहते हैं । त्रेतायुग में श्रीराम ने स्वयं श्रीमुख से तीर्थराज प्रयाग (संगम) की प्रशंसा की है। यहाँ भारत वर्ष की तीन पावन नदियों गंगा, यमुना तथा सरस्वती का संगम है। वा.रा. 2/54/2, 6, 8, मानस 2/104/1 से 2/105/3

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2-18 भरद्वाज आश्रम प्रयागराज उत्तर प्रदेश

इलाहाबाद में एक टीले पर यह आश्रम स्थित है। पहले गंगा माँ की धारा यहाँ से होकर बहती थी। श्रीराम भरद्वाज मिलन इसी स्थान पर हुआ था। ग्रंथ उल्लेख वा.रा. 2/54/5 से 43 2/55/1 से 11,  मानस 2/105/4 से 2/108 दोहा।

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2- 19 अक्षयवट प्रयागराज उत्तर प्रदेश

माँ सीता ने अक्षयवट की पूजा व परिक्रमा की थी। अक्षय का अर्थ है जिसका क्षय (नाश) नहीं होता। ग्रंथ उल्लेख मानस 2/104/4 आगे का मार्ग अक्षयवट से यमुना घाट जलालपुरः- इलाहाबाद-किला-एम.जी.रोड- जलालपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से 12 कि.मी.

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2-30 कामद गिरि चित्रकूट उत्तर प्रदेश

भक्त कामदगिरि को श्रीराम का प्रत्यक्ष शरीर मानते हैं। श्रीराम यहाँ बहुत दिनों तक रहे थे। हजारांे श्रद्धालु नित्यप्रति इसकी परिक्रमा करते हैं। कुछ तो लेट कर परिक्रमा करते हैं। चित्रकूट में श्रीराम वनवास से संबंधित बहुत से स्थल आज भी पाये जाते हैं। जैसे श्रीराम-भरत मिलन मंदिर, रामघाट, सीता रसोई, रामशैया, मंदाकिनी नदी आदि। […]

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2-234 भादर्शा अयोध्या जी नन्दी ग्राम

अयोध्या जी नन्दी ग्राम के पास भादर्शा नामक एक  बाजार है। भादर्शा का अर्थ है-भये दर्शन। अयोध्यावासियों को श्रीराम के पुष्पक विमान में दर्शन हुए थे। वा.रा. 6/127/30 से 39, मानस 7/4 दोहा 7/4 ख दोहा।

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