Sunday, October 25, 2020

1-3 श्रृंगी ऋषि आश्रम शेरवा घाट


ये है श्रृंगी ऋषि आश्रम । उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में अयोध्याजी से कुछ दूरी पर शेरवा घाट में अवस्थित ये आश्रम ऐतिहासिक महत्व का है ।

रामायण ग्रंथ का पारायण करने वाले हम सभी जानते हैं कि त्रेता युग में अयोध्याजी से कुछ दूर चलने के बाद अगले प्रातःकाल मुनि विश्वामित्र ने राम जी को बला और अति बला विद्या की शिक्षा दी थी । सरयू जी के तट पर रामजी ने सभी विद्याओं की माता कही जाने वाली ये विद्या प्राप्त की थी ।

ये लीला यहीं घटित हुई ।

इसके अलावा रामजी के जन्म के लिये हुए पुत्रेष्टि यज्ञ के ऋषि श्रृंगी को इसी क्षेत्र में ठहराया गया था जिसकी स्मृति आज तक बनी हुई है । शांता माता और श्रृंगी ऋषि की देव रूप में पूजा यहाँ प्राचीन काले से होती आ रही है ।

शेरवाघाट के पास महबूब गंज से 3 कि.मी. उत्तर दिशा में सरयू के किनारे प्राचीन शृंगी आश्रम है। यदि सरयू के किनारे-किनारे आएं तो यह स्थल अयोध्या जी से लगभग 20 कि.मी. पड़ता है। यहाँ अनेक संतों की कुटियाँ हैं।

संतजन मानते हैं कि ऋषि विश्वामित्र ने यहीं श्रीराम को बला तथा अतिबला की शिक्षा दी थी। यह भी माना जाता है कि उस समय भी यहाँ अनेक ऋषि रहते थे। उन्हीं के आश्रम में ऋषि विश्वामित्र ने श्रीराम लक्ष्मण के साथ विश्राम किया था।

ग्रंथ उल्लेख वा.रा. 1/22/11 से 24 तक। मानस 1/205 दोहे से 1/208/2 तक, 1/208/4

आगे का मार्ग

श्रृंगी आश्रम से भैरव मन्दिरः- शेरवाघाट-महबूबगंज-महराजगंज-भैरव मंदिर 39 कि. मी.

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One response to “1-3 श्रृंगी ऋषि आश्रम शेरवा घाट”

  1. OM PRAKASH TIWARI says:

    very nice and lovely place is shring rishi ashram

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