Tuesday, December 10, 2019

2-199 करसिद्धेश्वर मंदिर रामगिरि होसदुर्ग चित्रदुर्ग कर्नाटक

होसदुर्ग से 25 कि.मी. दूर रामगिरि नामक एक पहाड़ी है। श्रीराम ने लंका जाते समय भगवान शिव की पूजा की थी। इसलिए पहाड़ी का नाम रामगिरि तथा मंदिर का नाम रामेश्वर है।

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2-204 रामेश्वर रामनाथपुरा

श्रीराम ने किष्किंधा के बाद कावेरी नदी के साथ-साथ सेना सहित लम्बी यात्रा की थी। तभी उन्होंने यहाँ शिवलिंग की स्थापना की थी। इस स्थान को श्रीराम के दो बार सान्निध्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। वा.रा. 6/4/9 से आगे पूरे अध्याय मानस 5/34/2 से 5/34/छं 2 तक नोटः रामेश्वर तथा लक्ष्मणेश्वर पास ही है लक्ष्मणेश्वर […]

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2-207 धनुष कोटि, मेलुकोटे

वानर सेना ने मेलुकोटे नामक स्थान पर जलपान किया था। नगर से 3 कि.मी. दूर जंगल में एक पहाड़ी पर श्रीराम के बाण द्वारा बनाया गया जल स्रोत आज भी है। वा.रा. 6/4/9 से आगे पूरे अध्याय मानस 5/34/2 से 5/34/छं 2 तक धनुष कोटि से शिव मंदिरः- मेलुकोटे- मलवली-सत्यगाला, एस.एच 47 – 95 कि.मी.

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2-217 वीर कोदण्ड राम मंदिर तिल्लईविलायम तिरुवारुर तमिलनाडु

वीर कोदण्ड श्रीराम मंदिर लोक मान्यताओं के अनुसार असंख्य सेना के नायक श्रीराम जब इस स्थल से चले जा रहे थे, तो रावण के प्रति उनके मन में गहरा आक्रोश था, और वे वीर रूप में सैनिकों को दिखाई दे रहे थे। मंदिर में स्थापित विग्रह में श्रीराम की नसें भी स्पष्ट दिखाई देती हैं।

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2-222 नवग्रह तालाब देवी पट्टनम रामनाथपुरम तमिलनाडु

देवी पट्टनम स्थान पर श्रीराम ने शनिदेव को शांत करने के लिए नवग्रह की पूजा की थी। यहाँ, श्रीराम ने विष्णु चक्र की पूजा की थी तो उन्हें आर्शीवाद मिला कि वानर सेना को समुद्री लहरें परेशान नहीं करेंगी।

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2-224 सेतु अवशेष छेदुकरई रामनाथपुरम तमिलनाडु

छेदु सेतु का अपभ्रंश है तथा तमिल शब्द करई का अर्थ है कोना। यहाँ पुल की आधार शिला रखी गयी थी। छेदुकरई से समुद्र में 2 कि.मी. भीतर तक जायें तो सेतु के अवशेष देखे जा सकते हैं। ये सेतु के स्तम्भ हो सकते हैं।

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2-225 विलुंडी तीर्थ रामनाथपुरम तमिलनाडु

सेना के लिए शुद्ध मीठे जल हेतु श्रीराम ने बाण मार कर यहाँ जल स्रोत बनाया था। तंगचिमडम से लगभग 10 कि.मी. दूर समुद्र में स्थित इस कुएँ से मीठा पानी निकलता है। बैशाख तथा आषाढ़ में यहाँ पानी विशेष रूप से मीठा होता है।

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2-226 एकान्त राम मंदिर रामनाथपुरम तमिलनाडु

रामेश्वरम धाम से कुछ दूरी पर जंगल में एकान्त स्थान पर एक उपेक्षित सा मंदिर हैं। लंका जाने से पूर्व श्रीराम ने युद्ध नीति पर पहले स्वयं तथा बाद में मंत्रियों के साथ मंत्रणा की थी। वा.रा. 6/17, 18, 19, पूरे अध्याय, 6/123/21 मानस 5/40/5 से 5/49 ख दोहा । नोट: एकांत राम मंदिर से […]

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2-228 कोदंडराम मंदिर रामनाथपुरम तमिलनाडु

कोदण्ड का अर्थ है धनुष। समुद्र में एक प्राचीन मंदिर में श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव, जामवंत तथा विभीषण जी के बहुत सुन्दर विग्रह हैं। यहीं विभीषण जी श्रीराम की शरण में आये थे तथा यहीं उनका राज्याभिषेक किया था।

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2-229 जटा तीर्थ रामेश्वरम धाम रामनाथपुरम तमिलनाडु

जटा तीर्थ रामेश्वरम मंदिर से धनुषकोटि के मार्ग में जटातीर्थ है। यहाँ श्रीराम ने अपनी जटाएँ धोयी थीं। यहाँ स्नान करने से संतान की प्राप्ति होती है।

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