Sunday, August 1, 2021

5 अगस्त 2020 को श्री राम सांस्कृतिक शोध संस्थान के तत्वावधान में 290 श्री राम लीला भूमि स्थलों पर भक्तों ने की विशेष पूजा अर्चना

पांच अगस्त दो हजार बीस भारत वर्ष के लिये ऐतिहासिक तिथि बन गयी है । सनातन भारतीय संस्कृति के आधार स्तंभों में से एक मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की नगरी अयोध्या मेें लगभग पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद जन्मभूमि स्थल पर स्वतंत्र भारत के प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी ने भव्य मंदिर बनाने का संकल्प […]

Read more

रुड़की रामलीलाः बाली वध सुग्रीव राज तिलक प्रसंग का मंचन

रुड़की ।   सुभाषनगर में रुड़की गढ़वाल सभा द्वारा आयोजित रामलीला मंचन के आठवें दिन जब भगवान श्री राम सीता की खोज में भटक रहे थे तो तभी उन्हें जटायु मिले और जटायु श्रीराम को बताते हैं कि सीता का हरण लंकापति रावण ने किया है। जटायु सीता हरण की जानकारी देकर मृत्यु लोक में चले […]

Read more

संकल्प शक्ति है सबसे बड़ी, बिना साधन भी हो सकते हैं बड़े कामः गोविंदाचार्य

देश के प्रखर चिंतक और सनातन भारतीय संस्कृति के तपस्वी पुरोधा के एन गोविंदाचार्य ने देश की राजधानी दिल्ली के झिलमिल कालोनी स्थित जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संकल्प शक्ति सबसे बड़ी होती है और बिना साधन के भी लोकहित के बड़े से बड़ा काम संभव है ।

Read more

श्री राम की लीला भूमि के विकास के लिये एकजुट हों दुनिया भर के रामभक्तः आलोक कुमार

दिल्ली 06 अप्रैल : न्यास संवाददाता भारतीय नव वर्ष के आरंभ पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को विश्व हिंदू परिषद मुख्यालय नई दिल्ली में आयोजित राम भक्तों को संबोधित करते हुए परिषद के अंतराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने आह्वान किया कि श्री राम की लीला भूमि के व्यापक प्रचार प्रसार के लिये दुनिया भर के […]

Read more

केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन बने मिथिला नरेश जनक

रामलीला मंचन के माध्यम से पर्यावरण रक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने के लिये केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन ने मिथिला नरेश जनक की भूमिका निभायी । रामलीला आयोजन के लिये देश भर में प्रसिद्ध लवकुश रामलीला कमेटी की ओर से दिल्ली के लालकिला मैदान में डॉ हर्षवर्धन ने हिस्सा लिया । पढिये पूरा समाचार […]

Read more

कनक भवन अयोध्या

ये है कनक भवन । त्रेता युग में ये अयोध्या का सबसे सुन्दर भवन था जिसे राजा दशरथ ने अपनी सबसे प्रिय रानी कैकई के लिये बनवाया था । माता कैकई के भवन की भव्यता सभी सराहते थे । रामजी जब विवाह के बाद सीताजी को लेकर अयोध्या लौटे तो माता कैकई ने मुँह देखाइ […]

Read more