Sunday, October 20, 2019

1 श्री राम जन्म भूमि अयोध्या

आप दर्शन कर रहे हैं टाट में विराजमान राम लला जन्मभूमि पावन तीर्थ के । हम सभी जानते हैं कि श्रीराम सहित चारों भाइयों की जन्म भूमि अयोध्या त्रेता युग में राजा दशरथ की राजधानी थी। यहीं से मुनि विश्वामित्र श्रीराम व लक्ष्मण जी को यज्ञ रक्षा के लिए अपने साथ लेकर चले थे। बड़े […]

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1-1-1 दशरथ जी का महल अयोध्या फैजाबाद उत्तर प्रदेश

हम सभी जानते हैं कि अयोध्याजी श्रीराम की जन्मभूमि है। वर्तमान काल में बड़ा स्थान के रूप में विख्यात मंदिर स्थल पर प्राचीन काल में अयोध्या के प्रतापी सम्राट दशरथ जी का महल था । यहीं श्री रामजी सहित चारों भाइयों की बाल्यावस्था बीती । श्रीराम ने यहीं से वन की यात्रा आरम्भ की थी। […]

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2-2 मणि पर्वत अयोध्या फैजाबाद उत्तर प्रदेश

भगवान राम और माता जानकी के विवाह अवसर पर मिथिला नरेश जनक जी ने दहेज के रूप में बहुत बड़ा खजाना तथा रत्न व मणियाँ दान में दी थी। विवाहोपरांत बाराती के साथ मिथिला से चले भारवाहक दहेज का सामान लेकर अयोध्याजी पहुँचे । उन्होंने जिस स्थान पर रत्न और मणियों को रखा वहां पर्वत […]

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2-3- तमसा तट गौरा घाट फैजाबाद उप्र

ये है अयोध्याजी से कुछ दूरी पर तमसा नदी के तट पर अवस्थित गौरा घाट । यहाँ श्रीराम जी ने वनवास की प्रथम रात्रि विश्राम किया था। तमसा का वर्तमान नाम मंडाह एवं मढ़ार है । ये स्थल गौरा घाट के नाम से प्रसिद्ध है। गौरा शब्द गौरव का अपभ्रंश है। यह स्थान अयोध्याजी से […]

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2-4- श्री राम मंदिर पुरवा चकिया फैजाबाद उत्तर प्रदेश

पुरवा चकिया तीर्थ उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में तमसा नदी के तट से कुछ दूर गौराघाट के पास अवस्थित है । अयोध्याजी के नागरिकों को वनवास के कष्टों से बचाने के लिए श्रीराम जी उन्हें तमसा तट पर सोते छोड़ गये तथा यहाँ से रथ इस तरह घुमाया कि नागरिक रथ की लीक के […]

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2-5 श्री राम मंदिर टाहडीह फैजाबाद उत्तर प्रदेश

ये है उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में अयोध्याजी के निकट टाहडीह में अवस्थित श्री राम मंदिर । टाहडीह की उत्पति ‘डाह’ शब्द से हुई है। अवधी में डाह का अर्थ है एकत्रित होकर रूदन करना। लोक मान्यता के अनुसार श्रीराम जी को न ढँूढ़ पाने के बाद अयोध्यावासियों ने यहाँ इकट्ठा होकर डाह किया […]

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2-6 सूर्य कुंड फैजाबाद उत्तर प्रदेश

टाह डीह तीर्थ से आगे चलकर हम रामपुर भगन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित सूर्यकुण्ड के दर्शन के लिये पहुँचते हैं । त्रेता युग में श्रीराम, लक्षमण तथा सीताजी ने यहां स्नान कर भगवान सूर्य की पूजा की थी। आइये हम भी भगवान सूर्य का भावरूपी पूजन इस पल करें । ग्रंथ […]

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2-7 गविर्जा देवी मंदिर फैजाबाद उत्तर प्रदेश

वाल्मीकि रामायण में तमसा नदी से आगे चलने पर भगवान राम द्वारा अनेक नदियों के पार करने का विवरण मिलता है । इनमें वेदश्रुति नदी भी सम्मिलित है । वेदश्रुति नदी का वर्तमान नाम विसूही है । नदी पार करने के बाद माता जानकी ने जिस स्थान पर माता गिरिजा की विशेष पूजा अर्चना की […]

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2-8 सीता कुंड सुलतान पुर उत्तर प्रदेश

यहाँ गोमती नदी के किनारे महर्षि वालमीकि का आश्रम है। श्रीराम ने यहां से गोमती नदी पार की थी। सूल्तानपुर का पूर्व नाम श्रीराम जी के पुत्र कुश के नाम पर कभी कुशभानपुर बताया जाता है ग्रंथ उल्लेखवा.रा.2/49/11, मानस 2/187 4, 2 321/3 आगे का मार्ग गोमती नदी से वद्रथीः- सुल्तानपुर-हुसैनगंज-खोखीपुर- मनियारी-कस्थुनी पूरव-मुसाफिरखाना- कंजास-सालपुर-जगदीशपुर-सरेसर -कामापुर-मोहनगंज। […]

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2-9 वद्रथी/बरूथी प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश

मोहनगंज नदी का वर्तमान नाम सकरनी नदी है। यह प्रतापगढ़ से पूर्व दिशा में लगभग 8 कि.मी. दूर है। ग्रंथ उल्लेख वा.रा. 6/125/26 आगे का मार्ग वद्रथी से स्यंदिकाः-वद्रथी नदी से यात्री देवघाट, मोहन गंज, स्यंदिका नदी, देवघाट पर आयें।

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