Friday, August 19, 2022

2-80 चंदन मिट्टी उदयपुर सरगुजा


श्री राम लक्ष्मण ने सरगुजा में उदयपुर के पास मिट्टी से अपनी जटाएं ठीक की थीं। यहाँ प्राचीन राम मंदिर तथा सीता गुफा है। कठिन चढ़ाई के बाद एक गुफा से बहुत चिकनी हरे रंग की मिट्टी निकलती है। यही चन्दन मिट्टी कही जाती है।

श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी जी द्वारा वर्णित सकल मुनि (मा.3/9 दोहा) दण्डक वन में थे। उनकी चर्चा जन श्रुतियों के आधार पर ही करेंगे। क्योंकि उन सकल मुनियों के नाम, ग्राम, आश्रम आदि का कोई वर्णन नहीं दिया है। हां जन श्रुतियांें में वे आश्रम आज भी जीवंत है तथा उनके सभी स्थलों पर अवषेष तथा लोक कथाएँ मिलती हंै।रामायण के अरण्य काण्ड के 8,9,10 अध्यायों के अनुसार श्रीराम सुतीक्ष्ण आश्रम से प्रस्थान करते हैं। मार्ग में राक्षसों के वध संबधी प्रतिज्ञा पर मां सीता  से श्रीराम चर्चा करते हैं। इन अध्यायों में केवल यही चर्चा हैं। मार्ग का कोई संकेत नहीं है। इन दस वर्षांे में प्रथम संकेत पंचाप्सर का मिलता है।

संकेत के रूप में वा.रा. 3/11/21 से 28 तक देखें।

चन्दन मिट्टी से शिव मंदिर बगीचाः- चन्दन मिट्टी – उदयपुर – रामगढ़-नवापारा-कुंवरपुर-शिवपुर-राजपुरीकलां-मनेन्द्रकलां-माझांपारा-मनीपुर-श्रीगढ़-सुमेरपुर-दर्राडीह- रघुनाथपुरा-कोट-बतौली-विलासपुर- दुर्गापार-बगडौल-बगीचा-राष्ट्रीय राजमार्ग-111 व राष्ट्रीय राजमार्ग-78 से 140 कि.मी.

Sharing is caring!

Leave a Reply

Your email address will not be published.