Friday, August 19, 2022

2-204 रामेश्वर रामनाथपुरा


श्रीराम ने किष्किंधा के बाद कावेरी नदी के साथ-साथ सेना सहित लम्बी यात्रा की थी। तभी उन्होंने यहाँ शिवलिंग की स्थापना की थी। इस स्थान को श्रीराम के दो बार सान्निध्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

वा.रा. 6/4/9 से आगे पूरे अध्याय मानस 5/34/2 से 5/34/छं 2 तक

नोटः रामेश्वर तथा लक्ष्मणेश्वर पास ही है लक्ष्मणेश्वर से कोदण्डराम मंदिरः- रामनाथपुरा-केल्लूर-चुन-चुन-कट्टे -कोदण्डराम, एस.एच. 86-30 कि.मी.

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