Friday, January 16, 2026

2 -87 राम पायन लोधमा

हमारे पूर्वजों ने श्रीराम यात्रा की स्मृति में उनके चरण चिह्नों को सहेज कर रखा है। युगों-युगों के बाद भी ये चरण चिह्न हमें श्रीराम का आदर्श तथा उनके यहां पधारने की कथा की पुष्टि करते हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर […]

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