Monday, December 9, 2019

1-30 जानकी मंदिर जनकपुर नेपाल


आप इस क्षण जगत जननी जानकी की जन्मभूमि जनकपुर धाम में अवस्थित जानकी मंदिर के दर्शन कर रहे हैं । त्रेतायुग में माता जानकी की बाल्यावस्था यहीं बीती । ये मंदिर टीकमगढ़ की राजमाता वृषभानु लली ने आज से सैकड़ों वर्ष पहले बनवाया । माता की अपार कृपा उन पर बरसती थी । उस समय नौ लाख रूपये खर्च कर इस मंदिर का निर्माण हुआ इसलिये इसे नौलखा मंदिर भी कहा जाता है ।

जनकपुर नेपाल ही नहीं अपितु दुनिया भर के लोगों के लिये अत्यंत पावन तीर्थ है । भगवान राम और माता जानकी का परिणय धनुष भंग के पश्चात जनकपुर में हुआ था । ब्रह्मर्षि राजा जनक अपने युग के प्रख्यात नरेश थे ।

त्रेता युग के बाद मिथिला राज्य के अंतिम नरेश के रूप में कराल जनक का उल्लेख चाणक्य अपने अर्थशास्त्र में करता है । सुश्रुत संहिता के उत्तर तंत्र खंड में नेत्र चिकित्सा अध्याय में भी जनक का उल्लेख नेत्र चिकित्सा के सर्वोत्कृष्ट सर्जन के रूप में किया गया है । ये दो उल्लेख इस तथ्य को प्रमाणित करने के लिये पर्याप्त हैं कि रामजी की कथा केवल धार्मिक साहित्य नहीं अपितु भारत वर्ष के प्राचीन इतिहास के महत्वपूर्ण अंग हैं ।

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2 responses to “1-30 जानकी मंदिर जनकपुर नेपाल”

  1. Dilan Singh says:

    Jai Shre Ram

  2. मनोज says:

    जय सिया राम
    जय जय सियाराम
    माता जानकी मंदिर में आपका अभिनंदन
    दुल्हा सरकार श्री राम के अनुग्रह और माता जानकी की कृपा से आपकी सारी मनोकामनायें पूरी हों

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