Thursday, August 18, 2022

2-45 शरभंग आश्रम शरभंगा सतना मप्र

शरभंग आश्रम में श्रीराम को देवराज इन्द्र के दर्शन हुए थे। यहीं श्रीराम का आतिथ्य कर शरभंग मुनि ने योगाग्नि में स्वयं को भस्म किया था। चितहरा स्टेशन से 13 कि.मी. दूर घनघोर जंगल में यह विशाल आश्रम है। यहाँ राम-लक्ष्मण कुण्ड, श्रीराम बाण से बना गर्म ंजल का स्रोत, अश्वमुखी देवी का मंदिर, सूर्य […]

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2 – 96 राम दिवाला सिरपुर

प्राचीन ग्रंथों में वर्णित शोणितपुर, श्रीपुर, शिवपुर नामांे की यात्रा करता हुआ अब सिरपुर के नाम से प्रसिद्ध हैं। यहाँ आठवीं सदी में बने पुरानी ईंटों के राम दिवाला तथा लक्ष्मण दिवाला हैं। श्रीराम वनवास काल में यहाँ आये थे। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि […]

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2-97 श्रीराम मंदिर गुल्लू

यहाँ नदी के किनारे-किनारे यात्रा करते हुए गुल्लू के निकट श्रीराम ने महानदी पार की थी। कभी महानदी गुल्लू से सट कर बहती थी। तभी नदी का पानी मंदिर की बावड़ी में आता था। स्मृति के रूप में बहुत प्राचीन मंदिर तथा बावड़ी आज भी यहां देखी जा सकती हंै। श्री रामचरित मानस के अनुसार […]

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2-98 बागेश्वर मंदिर आरंग

रायपुर से 49 कि.मी. पूर्व दिशा में आरंग में एक प्राचीन शिव मंदिर है। महानदी के किनारे स्थित इस मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम ने वनवास काल में की थी। यह मोरध्वज की राजधानी रही है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) […]

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2-99 फिंगेश्वर नाथ मंदिर फिंगेश्वर

यहाँ श्रीराम ने शिव मंदिर की स्थापना की थी। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी जी द्वारा वर्णित सकल मुनि (मा.3/9 दोहा) दण्डक वन में थे। उनकी चर्चा जन श्रुतियों के […]

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2 – 100 माण्डव्य आश्रम राजीम

फिंगेश्वर मार्ग पर प्राचीन माण्डव्य आश्रम में श्रीराम ऋषि दर्शन के लिए आये थे। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी जी द्वारा वर्णित सकल मुनि (मा.3/9 दोहा) दण्डक वन में थे। […]

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2-101 सरगी नाला फिंगेश्वर रायपुर छत्तीसगढ़

सरगी नाला, फिंगेश्वर सरगी श्रृंगी का अपभ्रंश है। लोक मान्यता के अनुसार इस नाले में श्रीराम ने अपने हथियार धोए थे।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से […]

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2-113 मुचकुंद आश्रम मैचका

मुचकुंद आश्रम नगरी से 27 कि.मी. पूर्व दिशा में मेखलाकार पहाड़ी पर मैचका गाँव के पास मुचकुंद ऋषि का आश्रम है। आश्रम के पास सुन्दर तालाब तथा सीताजी एवं अन्य देवों की प्रतिमाएँ हंै। वनवासी दूर-दूर से पूजा, अर्चना व मन्नत मांगने आते हैं।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 […]

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2-121 रक्सा डोंगरी नारायणपुर

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नारायणपुर में अवस्थित इस तीर्थ का वास्तविक चित्र उपलब्ध नहीं है । हमने काफी प्रयास किया किंतु अति दुर्गम क्षेत्र होने के कारण हम अब तक चित्र उपलब्ध नहीं कर पाये हैं । साथ दिया चित्र तीर्थ से कुछ दूर अवस्थित जंगल पर आधारित है । रक्शा डोंगरी अर्थात् राक्षसों […]

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