Monday, December 5, 2022

5 अगस्त 2020 को श्री राम सांस्कृतिक शोध संस्थान के तत्वावधान में 290 श्री राम लीला भूमि स्थलों पर भक्तों ने की विशेष पूजा अर्चना

पांच अगस्त दो हजार बीस भारत वर्ष के लिये ऐतिहासिक तिथि बन गयी है । सनातन भारतीय संस्कृति के आधार स्तंभों में से एक मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की नगरी अयोध्या मेें लगभग पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद जन्मभूमि स्थल पर स्वतंत्र भारत के प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी ने भव्य मंदिर बनाने का संकल्प […]

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संकल्प शक्ति है सबसे बड़ी, बिना साधन भी हो सकते हैं बड़े कामः गोविंदाचार्य

देश के प्रखर चिंतक और सनातन भारतीय संस्कृति के तपस्वी पुरोधा के एन गोविंदाचार्य ने देश की राजधानी दिल्ली के झिलमिल कालोनी स्थित जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संकल्प शक्ति सबसे बड़ी होती है और बिना साधन के भी लोकहित के बड़े से बड़ा काम संभव है ।

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मलयेशिया, श्रीलंका और रूस के राम लीला कलाकारों की अनूठी प्रस्तुति

वर्ष २०१९ के सांस्कृतिक कुंभ में सोमवार की शाम तीन देशों की रामलीला और रासलीलाओं का संगम देखने लायक रहा। मलयेशिया, श्रीलंका और रूस की लीलाओं के कलाकार अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के बाद एक साथ मंच पर आए तो तालियों की गडग़ड़ाहट से अक्षयवट पंडाल गूंज उठा।

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श्री राम की लीला भूमि के विकास के लिये एकजुट हों दुनिया भर के रामभक्तः आलोक कुमार

दिल्ली 06 अप्रैल : न्यास संवाददाता भारतीय नव वर्ष के आरंभ पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को विश्व हिंदू परिषद मुख्यालय नई दिल्ली में आयोजित राम भक्तों को संबोधित करते हुए परिषद के अंतराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने आह्वान किया कि श्री राम की लीला भूमि के व्यापक प्रचार प्रसार के लिये दुनिया भर के […]

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वाल्मीकि रामायण एवं श्री राम विषयक अन्य साहित्य प्रकाशन सूचना

आदि कवि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के निर्माताओं में शिखर स्थान पर विराजमान हैं । मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की गाथा सबसे पहले आपने छन्दों में रच कर रामजी के ही दो पुत्रों लव और कुश को कंठस्थ कराया । सात कांडों में 24 हजार श्लोंको निबद्ध रामकथा अपने पहले वाचन में ही अपार लोकप्रिय हुई […]

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भगवान राम की कर्मस्थली, दक्षिण की अयोघ्या : भद्राचलम

अजय राम मऊ संवाददाता वाट्सएप संदेश पर आधारित लेख भारत की संस्कृति राममय है। हर सच्चे भारतीय के दिल में बसते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और उनके जीवन आदर्श। हमारे देश में ऐसे अनेक प्राचीन स्थल हैं जो श्रीराम के जीवन से निकटता से जुड़े हैं। यंी तो श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में उत्तर […]

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रामजन्म के हेतु अनेका, परम विचित्र एक ते एका

जय सिया राम .. जय जय सियाराम …. हम में से अधिकांश लोग रामायण का अध्ययन कर मोक्ष का मार्ग ढूँढते हैं। श्रीराम की लीला का हेतु केवल लीला मानकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं। कभी यह विचार नहीं करते कि उन्होंने मानव का रूप धारण कर हमें शिक्षा देने के लिए ही […]

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