Friday, August 19, 2022

1-6 बारदुअरिया मंदिर

बारदुवारिया मंदिर यह स्थान रामघाट मऊ के निकट ही है। यहाँ पुरानी सरयू तथा टोंस नदी का संगम है। यहाँ भगवान शिव का 12 द्वारों का एक बहुत प्राचीन मंदिर है। आज भी यहाँ कार्तिक पूर्णिमा को एक बड़ा मेला लगता है। लोक मान्यता के अनुसार विश्वामित्र मुनि श्रीराम लक्ष्मण को इसी मार्ग से ले […]

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1-11 कामेश्वरनाथ कारोधाम

कारोधाम में अवस्थित कामेश्वर मंदिर अत्यंत प्राचीन तीर्थ है । अयोध्या से अपने आश्रम की ओर बढ़ते हुए मुनि विश्वामित्र जी ने श्रीराम को बताया था कि भगवान शिव ने कामदेव को यहां भस्म किया था। आज भी यहां शिव मंदिर तथा तालाब है। माना जाता है कि यहां भगवान शिव ने तपस्या की थी। […]

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1- 19 अहल्या आश्रम अहरौली बक्सर बिहार

अहरौली आश्रम बक्सर से 3 कि.मी. पूर्व दिशा में अहरौली नामक गाँव है। अहरौली अहिल्या से बना है। माना जाता है कि श्रीराम ने यहाँ अहिल्याजी का उद्धार किया था। श्रीराम चरित मानस के अनुसार श्रीराम ने सिद्धाश्रम से चलते ही अर्थात् गंगा तथा सोनभद्र पार करने से पूर्व ही अहिल्याजी का उद्धार किया था। […]

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1-22 रामचौरा मंदिर हाजीपुर वैशाली बिहार

रामायण वर्णन के अनुसार तीनों ने गंगा पार कर एक रात्रि विशाला नगरी में विश्राम किया था। रामजी को विश्वामित्र मुनि ने विशाला नगरी के बारे में विस्तार से बताया । वहां के तत्कालीन राजा सुमति मुनि के दर्शन के लिये यहां आये और दशरथ नंदन से मिलकर बड़े प्रसन्न हुए थे । समकाल में […]

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1-30 जानकी मंदिर जनकपुर नेपाल

आप इस क्षण जगत जननी जानकी की जन्मभूमि जनकपुर धाम में अवस्थित जानकी मंदिर के दर्शन कर रहे हैं । त्रेतायुग में माता जानकी की बाल्यावस्था यहीं बीती । ये मंदिर टीकमगढ़ की राजमाता वृषभानु लली ने आज से सैकड़ों वर्ष पहले बनवाया

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1-3 श्रृंगी ऋषि आश्रम शेरवा घाट

ये है श्रृंगी ऋषि आश्रम । उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में अयोध्याजी से कुछ दूरी पर शेरवा घाट में अवस्थित ये आश्रम ऐतिहासिक महत्व का है । रामायण ग्रंथ का पारायण करने वाले हम सभी जानते हैं कि त्रेता युग में अयोध्याजी से कुछ दूर चलने के बाद अगले प्रातःकाल मुनि विश्वामित्र ने राम […]

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